Personal Philosophy?

From a strictly non-religious perspective:

Do all the good you can,
By all the means you can,
In all the ways you can,
In all the places you can,
At all the times you can,
To all the people you can,
As long as ever you can.
— John Wesley

 

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आपकी नज़रों ने समझा

Are there any lines more beautiful than these?

Penned by Madan Mohan and Raja Mehdi Ali Khan

आपकी नज़रों ने समझा / प्यार के काबिल मुझे
दिल की ऐ धड़कन ठेहर जा / मिल गयी मंजिल मुझे
आपकी नज़रों ने समझा
 
जी हमें मंज़ूर है / आपका ये फैसला
केह रही है हर नज़र / बन्दा परवर शुक्रिया
हँस के अपनी ज़िन्दगी में /कर लिया शामिल मुझे
दिल की ऐ धड़कन ठेहर जा / मिल गयी मंजिल मुझे
आपकी नज़रों ने समझा
 
आपकी मंज़िल हूँ मैं / मेरी मंज़िल आप हैं
क्यों मैं तूफाँ से डरूँ / मेरा साहिल आप हैं
कोई तूफानों से कह दे / मिल गया साहिल मुझे
दिल की ऐ धड़कन ठेहर जा / मिल गयी मंजिल मुझे
आपकी नज़रों ने समझा
 
पड़ गई दिल पर मेरे / आपकी परछाईयाँ
हर तरफ बजने लगीं / सैकड़ों शहनाईयां
दो जहां की आज खुशियाँ / हो गईं हासिल मुझे
दिल की ऐ धड़कन ठेहर जा / मिल गयी मंजिल मुझे
आपकी नज़रों ने समझा
 
The original was sung by Lata Mangeshkar, but also see the amazing Shreya Ghoshal + Berklee interpretation here
 
One history is this is sung by a devotee to the guru – fits perfectly as well as a lover to another. 
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